तारों से टिमटिमाते आसमान को मैं जब भी देखती हूँ तो ऐसा लगता है मानो हज़ारों सितारों से झिलमिलाता काला आँचल ओढ़े हमारी धरती मुसकुरा रही हो . वहीँ अपनी पूरी आन - बान से खड़ा लश्कारे मारता चाँद किसी अनमोल नगीने की मानिंद लगता है .
कभी - कभी मेरा मन करता है कि इन चमकते तारों को चुन - चुन कर अपनी मुट्ठियों में भर लूं पर अफ़सोस उन्हें छूना तो दूर हम तो उनके असली आकार में देख भी नही सकते . हमारी धरती से कई सौ गुणा बड़े ये तारे धरती से बहुत दूर होने की वजह से हमें इतने छोटे दिखाई देते है . वहीँ दूसरी ओर जब भी मैं चाँद को देखती हूँ तो मेरी नज़र उस सुनहरे बालों वाली परी को ढूँढने लगती है जिसकी कहानियाँ बचपन में दादी - नानी से सुना करती थी . वह सुनहरे बालों वाली खूबसूरत परी तो अब बूढ़ी भी हो गई होगी लेकिन चाँद अपनी पूरी शान के साथ आज भी वैसे ही चमक रहा है .
अकसर लोग ख़ूबसूरती को चाँद से जोड़ते हैं लेकिन मैं सोचती हूँ कि क्या कोई चेहरा चाँद जितना भी खूबसूरत हो सकता है जिसमे एक काला धब्बा होते हुए भी उसकी चमक में कोई कमी नहीं आई है . इस अदभुत्त दुनियाँ में ऐसी बहुत सी अदभुत्त चीज़ें हैं जिनका एक सिरा पकड़ कर हम समुन्दर की गहराइयों में गोते खाने लगते हैं .
कभी - कभी मेरा मन करता है कि इन चमकते तारों को चुन - चुन कर अपनी मुट्ठियों में भर लूं पर अफ़सोस उन्हें छूना तो दूर हम तो उनके असली आकार में देख भी नही सकते . हमारी धरती से कई सौ गुणा बड़े ये तारे धरती से बहुत दूर होने की वजह से हमें इतने छोटे दिखाई देते है . वहीँ दूसरी ओर जब भी मैं चाँद को देखती हूँ तो मेरी नज़र उस सुनहरे बालों वाली परी को ढूँढने लगती है जिसकी कहानियाँ बचपन में दादी - नानी से सुना करती थी . वह सुनहरे बालों वाली खूबसूरत परी तो अब बूढ़ी भी हो गई होगी लेकिन चाँद अपनी पूरी शान के साथ आज भी वैसे ही चमक रहा है .
अकसर लोग ख़ूबसूरती को चाँद से जोड़ते हैं लेकिन मैं सोचती हूँ कि क्या कोई चेहरा चाँद जितना भी खूबसूरत हो सकता है जिसमे एक काला धब्बा होते हुए भी उसकी चमक में कोई कमी नहीं आई है . इस अदभुत्त दुनियाँ में ऐसी बहुत सी अदभुत्त चीज़ें हैं जिनका एक सिरा पकड़ कर हम समुन्दर की गहराइयों में गोते खाने लगते हैं .
chaand kitna bhe nayab hi
ReplyDeletechehre pe uske thoda sa daag hi
musafir hum bhe hi is jamane k
jaha emandare brbaad hi