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Thursday, 26 April 2012

मुस्कुराइए कि आप भारतवासी हैं

आइये भीड़ में खो जाइये ,मुफ्त में धक्के खाइए . गाड़ियों का ज़हरीला धूँवा पी जाइये ,और आंसू बहाइये . गड्डों से खुद को बचाइए .अगर गिर पड़े तो टांग सहलाइए और टांग पर प्लास्टर बंधवाइए . घर जा कर जहाँ चाहिए वहां कूड़ा गिराइए और गन्दगी फैलाइए . क्यों नहीं ! यह देश आप का ही तो है . हर समय मौके की तलाश में रहिये . मौका पाते ही मेनहोल के ढक्कन चुराइए और बाद में उसमे ही छपाक से गिर जाइये . हिन्दुस्तानी तहज़ीब भुला कर एक - दुसरे पर बक- बकाइये  . खुद मानवता भूल कर सबको मानवता का पाठ पढ़ाइये .
क्या यह ठीक है ?
आप ही बताइए ? 
तो आइये भाईचारे , प्यार , और सभ्यता के बीज उगाइये . तहजीब के गीत गुनगुनाइए और इसलिए गुनगुनाइए    
क्योंकि आप भारतवासी हैं .
तो फिर मुस्कुराइए की आप भारतवासी हैं .

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