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Tuesday, 24 April 2012

एक छोटी सी मुस्कान .........बना सकती है आपको महफ़िल की जान .......!!!!

मुस्कराहट को आप गैर अहम् ना समझें ,मुस्कराहट भी एक आर्ट है . यह एक चुम्बकीय असर है जो देखने वालों को अपनी तरफ खींच लेती  है और यह आपकी खूबसूरती में भी इज़ाफा करती  है .
ज़हनी परेशानियाँ और आप का मिजाज़ आप से मुस्कराहट  की दिलकशी छीन लेता है और आप एक खुबसूरत जज़्बे से महरूम हो जाते है . मुस्कुराते चेहरे वाले शख्स से हर कोई मिलना पसंद  करता है चाहे उसका चेहरा इतना खूबसूरत ना हो वहीँ दूसरी ओर माथे पर सिलवटें सजाये शख्स से लोग दूरियां बनाये रखने में ही बेहतरी समझते हैं . यह सच है की हम किसी को कुछ  नहीं दे सकते लेकिन उसके लिए एक मुस्कराहट का तोहफा तो दे ही सकते हैं . याद रखें कि एक उँचा लम्बा कहकहा कभी भी एक नर्म और खूबसूरत मुस्कराहट कि जगह नहीं ले सकता . मुस्कुराना या सलीके से हंसना भी एक फन है .
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो हसते हुए ज़ोर- ज़ोर से हाथ पर हाथ मारते हैं , या अपने करीब बैठे हुए किसी को दो हाथ मार देते हैं . यह सब तहज़ीब और वकार के खिलाफ है . आप कि मुस्कराहट का अपना मतलब होना चाहिए. आप अपनी मुस्कराहट के ज़रिये भी अपने जज़्बात का इज़हार कर सकते हैं . मज़ाक, तंज़ , रोमांस यह सारे जज़्बे सिर्फ एक हलकी सी मुस्कराहट से ज़ाहिर किये जा सकते हैं . यकीनी तौर पर आपकी मुस्कराहट को बेमानी नहीं होना चाहिए बल्कि वह अपने मुकम्मल माने ज़ाहिर कर रही .

1 comment:

  1. lekin doston k sath aane wale kahkahe ki baat hi kuch aur hai

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